नई दिल्ली, 27 अप्रैल:
ताइक्वांडो से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद में आज दिल्ली हाई कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान एक अहम अपडेट सामने आया है। कोर्ट ने कथित तौर पर ताइक्वांडो मामलों के संचालन के लिए एक एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त करने की बात कही है। हालांकि, इस आदेश की आधिकारिक प्रति अभी उपलब्ध नहीं है।
Taekwondo Federation of India के महासचिव प्रभात शर्मा ने बातचीत के दौरान बताया कि कोर्ट का रुख फिलहाल दैनिक प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए एक स्वतंत्र प्रशासक नियुक्त करने की ओर है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम स्थिति आदेश की कॉपी सामने आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
2022 से चल रहा है विवाद, चार राज्य इकाइयों ने दायर की थी याचिका
ताइक्वांडो संघ से जुड़ा यह मामला वर्ष 2022 से अदालत में लंबित है। यह याचिका टीएफआई की चार राज्य इकाइयों द्वारा दायर की गई थी, जिनका आरोप था कि संगठन में प्रशासनिक और संरचनात्मक स्तर पर गंभीर अनियमितताएं हैं।
इस विवाद के चलते Indian Olympic Association ने भी हस्तक्षेप किया था और एक एडहॉक कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी की जिम्मेदारी तत्कालीन संयुक्त सचिव नामदेव शिरगांवकर को सौंपी गई थी।
एडहॉक कमेटी से शुरू हुआ नया विवाद
एडहॉक कमेटी का उद्देश्य था—सभी राज्य इकाइयों को साथ लेकर एक नई, पारदर्शी ताइक्वांडो फेडरेशन का गठन करना और निष्पक्ष चुनाव कराना।
लेकिन घटनाक्रम ने अप्रत्याशित मोड़ ले लिया। आरोप है कि नामदेव शिरगांवकर ने “India Taekwondo” नाम से एक नई संस्था का गठन किया और स्वयं को उसका अध्यक्ष घोषित कर दिया।
इतना ही नहीं, इस नई संस्था ने अंतरराष्ट्रीय निकाय World Taekwondo से भी संबद्धता हासिल कर ली, जिससे विवाद और गहरा गया।
खिलाड़ियों के लिए राहत की उम्मीद?
आज की सुनवाई में एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त करने के संकेत को खेल जगत में एक संभावित सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। यदि कोर्ट आधिकारिक रूप से ऐसा आदेश देता है, तो यह ताइक्वांडो खिलाड़ियों और कोचों के लिए स्थिरता और पारदर्शिता की दिशा में एक अहम पहल साबित हो सकता है।
हालांकि, अंतिम स्थिति आदेश की आधिकारिक प्रति आने के बाद ही स्पष्ट होगी। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में यह कॉपी उपलब्ध हो सकती है।
आगे क्या?
ताइक्वांडो से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल विवाद में अब सबकी नजरें कोर्ट के अंतिम आदेश पर टिकी हैं। क्या यह फैसला खेल प्रशासन में सुधार लाएगा या विवाद और बढ़ेगा—यह आने वाला समय बताएगा।
जैसे ही आदेश की पूरी जानकारी सामने आएगी, हम आपको इस मामले की हर अहम अपडेट से अवगत कराते रहेंगे।









