AITA Election 2024

Sportsnet Newsनई दिल्ली:
भारतीय टेनिस प्रशासन में लंबे समय से चल रहा गतिरोध अब एक बड़े न्यायिक हस्तक्षेप के साथ नए मोड़ पर पहुंच गया है। AITA Election 2024 के तहत दिल्ली हाई कोर्ट ने ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन यानी AITA के 28 सितंबर 2024 को हुए चुनाव परिणामों को फिलहाल रद्द नहीं किया है, लेकिन चुनी गई कार्यकारिणी को केवल अंतरिम व्यवस्था के रूप में काम करने की अनुमति दी है। यह अंतरिम बॉडी अब स्वतंत्र रूप से नहीं, बल्कि कोर्ट द्वारा नियुक्त Administrator जस्टिस गीता मित्तल (सेवानिवृत्त) की निगरानी में काम करेगी।

इस फैसले का असली मतलब यह है कि AITA Election 2024 के बाद AITA में चुनी गई नई टीम को पद मिल गए हैं, लेकिन पूर्ण अधिकार नहीं मिले हैं। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि AITA की मौजूदा कार्यकारिणी सिर्फ रोजमर्रा के कामकाज को संभालेगी और कोई बड़ा वित्तीय फैसला या नई वित्तीय प्रतिबद्धता Administrator की मंजूरी के बिना नहीं की जा सकेगी।

AITA Election 2024: नई AITA टीम कौन है?

कोर्ट के फैसले के बाद AITA Election 2024 के चुनाव परिणामों के आधार पर गुजरात स्टेट एसोसिएशन से चितन पारिख AITA के नए अध्यक्ष माने जाएंगे। महाराष्ट्र के सुंदर अय्यर महासचिव, पंजाब एसोसिएशन के दिनेश अरोड़ा कोषाध्यक्ष, और KSLTA के सुनील यजमान संयुक्त सचिवों में शामिल हैं। हालांकि, इन सभी पदाधिकारियों की भूमिका फिलहाल सीमित और निगरानी-आधारित होगी।

कोर्ट ने जस्टिस गीता मित्तल को AITA के कामकाज की निगरानी के साथ-साथ यह जिम्मेदारी भी दी है कि AITA Election 2024 के बाद AITA का संविधान, बायलॉज और कार्यप्रणाली National Sports Code और नए खेल शासन ढांचे के अनुरूप की जाए। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह प्रक्रिया 30 जून तक पूरी करनी होगी। इसके बाद नए नियमों के तहत तीन महीने के भीतर नए चुनाव कराए जाने हैं।

🧑‍⚖️ कोर्ट का आदेश: चुनाव मान्य, लेकिन पूरी आज़ादी नहीं

दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश
👉 Justice Geeta Mittal
को AITA का Administrator नियुक्त किया है।

इसका सीधा अर्थ यह है:

  • AITA Election 2024 से बनी टीम बनी रहेगी
  • लेकिन कोई भी बड़ा फैसला स्वतंत्र रूप से नहीं ले सकेगी
  • हर अहम निर्णय Administrator की मंजूरी से होगा

🏛️ AITA Election 2024: पूरी नई कार्यकारिणी (EXCLUSIVE)

Sportsnet News को उपलब्ध जानकारी के अनुसार, AITA Election 2024 के बाद बनी कार्यकारिणी में निम्नलिखित पदाधिकारी शामिल हैं:

अध्यक्ष – चिंतन पारिख
उपाध्यक्ष – अनिल धूपर, असित त्रिपाठी, हिरण्मय चटर्जी, प्रेम कुमार, राजन कश्यप, रक्तिमा सैकिआ, रोहित राजपाल, सुमन कपूर,
महासचिव – सुन्दर अय्यर,
कोषाध्यक्ष – दिनेश अरोड़ा
संयुक्त सचिव – गुरचरण सिंह, कैप्टन मूर्ती गुप्ता, डॉ सुजीत रॉय, सुनील यजमान
कार्यकारी सदस्य – अनिल महाजन, अंकुश दत्ता, बी वेंकटेश, चेतन कपूर, महेश्वर राव, पी वी रामा कुमार, प्रशांत सुतार, पुनीत अग्रवाल, सुदर्शन घोष, विजेंद्र सिंह चौहान

🌏 Sujit Kumar पर खास फोकस: नॉर्थ ईस्ट की बड़ी एंट्री

AITA Election 2024 का सबसे बड़ा और शायद सबसे सकारात्मक पहलू यह रहा कि:

👉 Sujit Kumar को Joint Secretary बनाया गया है

यह सिर्फ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि एक बड़ा संकेत है।

  • Sujit Kumar, Tripura Olympic Association के Secretary हैं
  • लंबे समय से नॉर्थ ईस्ट के खेल प्रशासकों की मांग थी कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व मिले
  • इस फैसले के बाद North East sports fraternity और खिलाड़ियों में खुशी का माहौल है

यह पहली बार नहीं है कि प्रतिनिधित्व की बात उठी हो, लेकिन इस बार AITA Election 2024 ने इसे वास्तविक रूप दिया है

⚖️ विवाद की जड़: कोर्ट तक क्यों पहुंचा मामला?

यह मामला सिर्फ एक चुनावी विवाद नहीं था। AITA Election 2024 को लेकर पूर्व भारतीय टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देववर्मन और डबल्स खिलाड़ी पुरव राजा ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर AITA के चुनावों को चुनौती दी थी। उनका आरोप था कि चुनाव National Sports Development Code, 2011 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए कराए जा रहे थे।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील राहुल मेहरा ने दलील दी थी कि AITA में उम्र और कार्यकाल से जुड़े नियमों, cooling-off period, खिलाड़ी प्रतिनिधित्व और executive committee की संरचना जैसे कई मुद्दों पर गंभीर उल्लंघन हैं। उनका कहना था कि 70 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकते और NSF की executive committee में 25 सदस्य नहीं हो सकते। साथ ही General Assembly और Executive Committee में कम से कम 25% eminent sportspersons का प्रतिनिधित्व होना चाहिए।

AITA Election 2024: सितंबर 2024 में कोर्ट ने क्या किया था?

सितंबर 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने AITA Election 2024 पर रोक नहीं लगाई थी, लेकिन चुनाव परिणामों के प्रकाशन पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि चुनाव परिणाम sealed cover में रखे जाएं और अंतिम फैसला याचिका के परिणाम पर निर्भर करेगा।

बाद में AITA ने दिल्ली हाई कोर्ट में आवेदन देकर sealed cover में रखे चुनाव परिणामों को खोलने की मांग की थी। AITA की ओर से यह तर्क दिया गया था कि मामला लंबा खिंचने से संस्था के कामकाज में गतिरोध पैदा हो सकता है।

कोर्ट ने चुनाव रद्द क्यों नहीं किए?

हाई कोर्ट ने फिलहाल AITA Election 2024 के चुनाव परिणामों को रद्द नहीं किया, लेकिन यह भी साफ कर दिया कि यह कोई पूर्ण वैधता या खुली छूट नहीं है। कोर्ट ने एक संतुलित रास्ता अपनाया—AITA के कामकाज को ठप नहीं होने दिया, लेकिन उसे स्वतंत्र भी नहीं छोड़ा। यही वजह है कि चुनी गई बॉडी को interim body बनाकर Administrator की निगरानी में रखा गया है।

इसका सबसे बड़ा संकेत यह है कि कोर्ट भारतीय खेल संघों में governance reform को अब सिर्फ सलाह नहीं, बल्कि लागू करने योग्य शर्त के रूप में देख रहा है।

अब आगे क्या होगा?

अब AITA को तीन स्तरों पर काम करना होगा। पहला, जस्टिस गीता मित्तल की निगरानी में रोजमर्रा का प्रशासन चलाना। दूसरा, अपने संविधान और बायलॉज को Sports Code तथा नए National Sports Governance Act, 2025 और Sports Governance Rules, 2026 के अनुरूप करना। तीसरा, संशोधित ढांचे के आधार पर नए चुनाव कराना।

Sportsnet दृष्टिकोण (AITA Election 2024 Analysis)

AITA Election 2024 का मामला भारतीय खेल प्रशासन की उसी बड़ी समस्या को सामने लाता है, जहां कई राष्ट्रीय खेल संघ वर्षों से Sports Code, उम्र सीमा, कार्यकाल सीमा, खिलाड़ी प्रतिनिधित्व और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया जैसे बुनियादी सुधारों को पूरी तरह लागू करने से बचते रहे हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट का यह आदेश सिर्फ टेनिस तक सीमित नहीं है। यह संदेश है कि राष्ट्रीय खेल संघों में चुनाव कराना पर्याप्त नहीं है; चुनाव नियमों के अनुसार, खिलाड़ियों की भागीदारी के साथ, और पारदर्शी governance structure के भीतर होने चाहिए।

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