नई दिल्ली, 13 अप्रैल 2026 | SPORTSNET NEWS

भारतीय पैरा तीरंदाजों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर तिरंगा फहराते हुए बैंकॉक 2026 वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज़ में अपनी बादशाहत कायम की है। 21 देशों के बीच अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करने वाले इस दल का आज नई दिल्ली में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भव्य स्वागत और सम्मान किया।

पदक तालिका में भारत का एकछत्र राज

थाईलैंड के बैंकॉक में 30 मार्च से 4 अप्रैल तक आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत ने कुल 13 पदक (7 स्वर्ण, 3 रजत और 3 कांस्य) जीतकर पहला स्थान हासिल किया। भारत की यह जीत कितनी विशाल थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दूसरे स्थान पर रहा इंडोनेशिया केवल 6 पदक ही जीत सका, जबकि मेजबान थाईलैंड 5 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

सरकारी समर्थन और ठोस निवेश का असर

इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे केंद्र सरकार का मजबूत विजन रहा है। 39 सदस्यीय इस भारतीय दल की तैयारी और भागीदारी के लिए ACTC और ANSF योजनाओं के तहत कुल ₹1.24 करोड़ का निवेश किया गया। खेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि विश्वस्तरीय ट्रेनिंग और निरंतर फंडिंग का परिणाम आज दुनिया के सामने है।

चमकते सितारे: मुख्य पदक विजेता

प्रतियोगिता में भारत के व्यक्तिगत प्रदर्शन ने प्रतिद्वंदियों को हैरत में डाल दिया:

  • तोमन कुमार: 3 स्वर्ण पदकों के साथ सबसे सफल खिलाड़ी।
  • शीतल देवी: 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीतकर अपनी ख्याति को और पुख्ता किया।
  • पायल नाग: 2 स्वर्ण पदक।
  • हरविंदर सिंह: 1 स्वर्ण और 1 रजत।
  • श्याम सुंदर स्वामी: 1 स्वर्ण और 1 कांस्य।

‘न्यू इंडिया’ की भावना का प्रतिनिधित्व: खेल मंत्री

खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा:

“आपने पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर और दूसरे देशों की तुलना में दोगुने पदक जीतकर एक नया मानक स्थापित किया है। आप ‘न्यू इंडिया’ की अदम्य भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। अब एशियन गेम्स को देखते हुए आपसे देश की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।”

मैदान से प्रतिक्रिया: “तिरंगे को लहराते देखना गर्व की बात”

अपनी जीत पर भावुक होते हुए स्टार तीरंदाज शीतल देवी ने कहा कि राष्ट्रगान की धुन के बीच तिरंगे को ऊपर जाते देखना उनके जीवन का सबसे बड़ा गौरवपूर्ण क्षण था। वहीं, कोच अभिलाषा चौधरी ने बताया कि भारत अब इस खेल में सिर्फ एक प्रतिभागी नहीं, बल्कि एक महाशक्ति (Major Power) बनकर उभरा है। दिग्गज तीरंदाज श्याम सुंदर स्वामी ने साझा किया कि अब विदेशी खिलाड़ी भारतीय तीरंदाजों के नाम से ही सतर्क रहने लगे हैं।

SPORTSNET NEWS View: एक नई खेल क्रांति का आगाज़

भारत का यह प्रदर्शन इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि पैरा स्पोर्ट्स अब मुख्यधारा की खेल नीति का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुके हैं। संरचित निवेश, सही टैलेंट की पहचान और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर का यह ‘त्रिकोण’ भारत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिला रहा है। यह जीत केवल खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि उस सिस्टम की भी है जिसने उन्हें उड़ने के लिए पंख दिए हैं।

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