नई दिल्ली — भारतीय खेलों के इतिहास में एक क्रांतिकारी अध्याय जुड़ गया है। दिल्ली के शंगरी-ला ईरोस में एक ऐसे खेल की शुरुआत हुई है जो न केवल रोमांचक है, बल्कि समाज की पुरानी सोच को भी चुनौती देता है। ‘नया खेल, नई सोच’ के विजन के साथ भारत की पहली Korfball Premier League (KPL) का आधिकारिक तौर पर आगाज़ हो चुका है।
क्या है कॉर्फबॉल? जहाँ पुरुष और महिलाएँ हैं एक समान
पहली नज़र में यह खेल बास्केटबॉल जैसा लग सकता है, लेकिन इसकी आत्मा बिल्कुल अलग है। 1902 में नीदरलैंड के एक स्कूल टीचर निको ब्रुख्युसेन ने इसकी शुरुआत इस मकसद से की थी कि लड़के और लड़कियां एक साथ मिलकर खेल सकें।
खेल के अनोखे नियम:
- टीम की बनावट: हर टीम में कुल 8 खिलाड़ी होते हैं—4 पुरुष और 4 महिलाएँ।
- लक्ष्य: गेंद को 3.5 मीटर ऊंचे खंभे पर लगे बिना नेट वाले बास्केट (जिसे ‘कोर्फ’ कहते हैं) में डालना होता है।
- खासियत: यह दुनिया का एकमात्र ऐसा खेल है जो जेंडर इक्वालिटी यानी लैंगिक समानता के सिद्धांत पर पूरी तरह आधारित है।
बड़ी रणनीति और भारी इनाम
इस खेल के लिए सबसे उत्साहजनक बात यह है कि युवा मामले और खेल मंत्रालय (MYAS) ने कॉर्फबॉल को पुनः आधिकारिक मान्यता प्रदान कर दी है। सरकारी समर्थन के साथ-साथ कॉर्फबॉल फेडरेशन को देश के दिग्गज उद्योगपतियों और प्रभावशाली राजनेताओं का भी संरक्षण प्राप्त है। यह त्रिकोणीय समर्थन (सरकार, व्यापार और प्रशासन) लीग की वित्तीय स्थिरता और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की सफलता की मजबूत नींव रखता है।
आकर्षक प्राइज पूल और प्रोत्साहन
खिलाड़ियों के कौशल को सम्मानित करने के लिए Korfball Premier League के पहले सीजन हेतु 25 लाख रुपये का प्राइज पूल निर्धारित किया गया है। आयोजकों की योजना इस राशि को आने वाले संस्करणों में और अधिक बढ़ाने की है, ताकि यह न केवल एक खेल रहे, बल्कि एथलीटों के लिए एक आकर्षक करियर विकल्प भी बन सके।
Korfball Premier League ग्लोबल एक्सपोजर: IPL की तर्ज पर तैयारी
Korfball Premier League का लक्ष्य भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। जिस तरह IPL ने क्रिकेट को बदला, उसी तरह KPL में भी विदेशी खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इससे भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी दिग्गजों के साथ खेलने और अंतरराष्ट्रीय स्तर की बारीकियां सीखने का मौका मिलेगा।
सितारों से सजी शाम
इस ऐतिहासिक लॉन्च इवेंट में खेल और प्रशासन जगत की कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की:
- प्रमुख व्यक्तित्व: लीग के फाउंडर चन्दन कुमार, को-फाउंडर अमनदीप सिंह, व् KFI की तरफ से उपाध्यक्ष निधि शेखावत, कोषाध्यक्ष विनोद कुमार और कार्यकारी सदस्य नताशा मौजूद थे।
- खिलाड़ी: भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ी नितेश, रजत कुमार सैनी और सूरज शर्मा के साथ-साथ महिला खिलाड़ी अलीशा, तनिष्का गुर्जर और दिल्ली से उभरती हुई अंतरराष्ट्रीय कोर्फबॉल खिलाड़ी यूरी सेठी भी मौजूद रहीं।
फेडरेशन के अनुसार, यह खेल पहले ही भारत के 26 राज्यों में अपनी जड़ें जमा चुका है, जिससे लीग को बेहतरीन टैलेंट मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष: बदलाव की ओर बढ़ते कदम
कॉर्फबॉल प्रीमियर लीग (KPL) की घोषणा मात्र एक खेल प्रतियोगिता की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह भारतीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव की आहट है। इस घोषणा ने न केवल खिलाड़ियों में, बल्कि खेल प्रेमियों और विश्लेषकों में भी एक नई जिज्ञासा और जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है।
हालाँकि, अभी लीग के प्रारूप, टीमों के चयन और प्रसारण से जुड़ी विस्तृत जानकारी आना बाकी है, जिससे कई सवाल भी खड़े होते हैं। खेल जगत की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि:
- क्या कॉर्फबॉल अपनी विशिष्टता के दम पर कबड्डी या बास्केटबॉल की तरह व्यावसायिक सफलता और लोकप्रियता हासिल कर पाएगा?
- क्या इसे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से स्वीकार किया जाएगा?
कॉर्फबॉल प्रीमियर लीग (Korfball Premier League) के पास वह क्षमता है जो भारत में खेल देखने के नजरिए को बदल सकती है। अब सारा दारोमदार इसके कार्यान्वयन (Execution) पर है—कि क्या यह खेल वास्तव में भारतीय दिलों में अपनी जगह बना पाएगा, या भविष्य के पन्नों में महज एक साहसी प्रयोग बनकर सिमट जाएगा? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि खेल की दुनिया में ‘बदलाव के कदम’ पड़ चुके हैं।
यह Korfball Premier League आधिकारिक रूप से कॉर्फबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (KFI) की बौद्धिक संपदा और स्वामित्व वाली लीग है। खेल मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त, यह फेडरेशन भारत में इस खेल के विकास और संचालन के लिए एकमात्र शीर्ष संस्था है। यह लीग फेडरेशन के दूरदर्शी नेतृत्व में देश भर में कॉर्फबॉल को नई ऊँचाइयों पर ले जाने और खिलाड़ियों को एक पेशेवर मंच प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।









