एशियन गेम्स 2026 में भारत की पदक तालिका 62 पर पहुँची है। सात और पदक सुनिश्चित हैं, लेकिन अभी इस संख्या में शामिल नहीं हैं। ताज़ा नतीजों के बाद SportsNet News का मध्य अनुमान 77 पदकों का है; 73–82 की संभावित सीमा के लिए भी बचे मुकाबलों में जीत जरूरी होगी।
नतीजों का कटऑफ: 1 अक्टूबर 2026, दोपहर 1 बजे भारतीय समय। यह जारी प्रतियोगिता का विश्लेषण है, अंतिम पदक तालिका नहीं।
क्या भारत आइची–नागोया एशियाई खेलों में पिछले 107 पदकों से काफी पीछे रह जाएगा? अब तस्वीर पहले से साफ है। एथलेटिक्स और शूटिंग जैसे बड़े पदक देने वाले खेल समाप्त हो चुके हैं। टेनिस में भी भारत का अभियान खत्म हो गया है। तीरंदाजी, कुश्ती, हॉकी, क्रिकेट और कुछ दूसरे मुकाबले अभी अंतिम संख्या बदल सकते हैं।
आयोजकों की आधिकारिक पदक तालिका में कटऑफ के समय भारत के 10 स्वर्ण, 21 रजत और 31 कांस्य—कुल 62 पदक दर्ज थे। भारत आठवें स्थान पर था। तुलना का आधार हांगझोउ 2022 संस्करण है, जिसका आयोजन 2023 में हुआ था: भारत ने वहाँ 28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य सहित 107 पदक जीते थे।
आज के नतीजों से क्या बदला?
कंपाउंड तीरंदाजी में गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु ने वियतनाम के डांग कोंग डुक को 149–144 से हराकर कांस्य जीता। लेकिन महिला व्यक्तिगत क्वार्टर फाइनल में चिकिथा तनीपार्थी इंडोनेशिया की नूरीसा दियान अशरिफाह से 143–144 से हार गईं। तीन टीम स्वर्ण के बाद भारत का कंपाउंड अभियान इस तरह कुल चार पदकों पर समाप्त हुआ। आधिकारिक तीरंदाजी परिणाम रिकर्व के बचे मुकाबलों को अलग दिखाते हैं।
महिला स्क्वैश टीम हांगकांग से सेमीफाइनल 1–2 से हारी और कांस्य मिला। यह पदक 62 की तालिका में शामिल है। पुरुष क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को 124 रन से हराकर फाइनल में स्थान बनाया: भारत के 169/7 के जवाब में श्रीलंका 45 पर आउट हुआ। पुरुष क्रिकेट का कम-से-कम रजत सुनिश्चित है, लेकिन वह अभी 62 में नहीं जुड़ा है।
टेनिस में सुमित नागल चीन के वू यिबिंग से क्वार्टर फाइनल 4–6, 4–6 से हार गए। भारत की बाकी युगल जोड़ियाँ भी पदक दौर में नहीं हैं। पिछली बार टेनिस से आए दो पदकों की इस बार भरपाई नहीं हुई। कुश्ती में नितेश पुरुष ग्रीको-रोमन 97 किग्रा के फाइनल में हैं; मानसी को महिला 62 किग्रा में कांस्य मुकाबला खेलना है।
62 से 69 कैसे? पक्के पदकों की अलग गिनती
पदक सुनिश्चित होने और आधिकारिक तालिका में जुड़ने के बीच अंतर होता है। इसीलिए नीचे केवल वे सात पदक जोड़ रहे हैं जो कटऑफ तक पक्के हैं, लेकिन 62 में दर्ज नहीं हैं।
| स्थिति | अतिरिक्त पदक | चलता हुआ जोड़ |
|---|---|---|
| आधिकारिक तालिका में दर्ज | — | 62 |
| बॉक्सिंग: लवलीना, परवीन और अंकुश फाइनल में | 3 | 65 |
| पुरुष क्रिकेट: फाइनल में | 1 | 66 |
| महिला हॉकी: फाइनल में | 1 | 67 |
| पुरुष स्क्वैश: सेमीफाइनल में, कम-से-कम कांस्य | 1 | 68 |
| कुश्ती: नितेश फाइनल में | 1 | 69 |
यानी सामान्य प्रतियोगिता-परिणाम के आधार पर भारत के 69 पदक दर्ज या सुनिश्चित हैं। इनमें बॉक्सिंग के पहले से दर्ज तीन कांस्य दोबारा नहीं जोड़े गए हैं। किसी फाइनल में रजत की जगह स्वर्ण मिलने से पदक का रंग बदलेगा, कुल संख्या में एक और पदक नहीं जुड़ेगा। संबंधित स्थिति बॉक्सिंग फाइनल सूची, क्रिकेट परिणाम, महिला हॉकी परिणाम, स्क्वैश और कुश्ती कार्यक्रम से मिलाई गई है।
एथलेटिक्स में 25 की उम्मीद थी, मिले 24; शूटिंग में सात कम
SportsNet News को एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से पहले कुल 25 पदकों की उम्मीद बताई गई थी। अंतिम उपलब्धि 24 पदक—एक स्वर्ण, नौ रजत और 14 कांस्य रही। यानी उस उम्मीद से एक कम और हांगझोउ के 29 से पाँच कम। अब एथलेटिक्स से आगे कोई अतिरिक्त पदक जोड़ना सही नहीं होगा।
शूटिंग का अभियान 15 पदकों—तीन स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य—पर समाप्त हुआ। पिछली बार 22 मिले थे। इसलिए इन दो बड़े खेलों से मिलाकर पिछली बार के 51 की जगह इस बार 39 पदक आए: कुल 12 पदकों की कमी। तुलना में स्वर्ण भी 13 से चार रह गए।
रोइंग पाँच से एक और बैडमिंटन तीन से एक पर आया। इन दोनों खेलों की कमी छह और है। इसलिए घटती संख्या की पूरी व्याख्या केवल कार्यक्रम से हटे खेलों से नहीं होती।
हटे खेलों से पाँच पदकों का अवसर गया; भरपाई कितनी हुई?
पिछले संस्करण की आधिकारिक भारतीय पदक सूची में शतरंज के दो, ब्रिज का एक और रोलर स्केटिंग के दो पदक हैं। ये तीनों इस बार के प्रतियोगिता कार्यक्रम में नहीं हैं। इसलिए 107 के पुराने आधार से पाँच पदकों का अवसर हटता है: 107 से 102। यह मैदान पर मिली हार नहीं है। रोलर स्केटिंग और स्केटबोर्डिंग को भी एक खेल समझकर नहीं गिनना चाहिए।
नए खेलों और नई स्पर्धाओं में MMA, सर्फिंग, पैडल, टेकबॉल, BMX फ्रीस्टाइल और वर्चुअल ताइक्वांडो शामिल हैं। इस समूह से अब तक भारत को MMA में सुचिका तारियाल का एक कांस्य मिला है। सिर्फ नए जोड़े गए खेलों की कसौटी पर देखें तो पाँच की भरपाई में अभी चार की कमी है।
व्यापक तुलना में सॉफ्ट टेनिस, वेटलिफ्टिंग और कुराश से भी एक-एक पदक आया है; इन तीनों का भारत के पिछले 107 में योगदान शून्य था। ये खेल 2026 में पहली बार नहीं जुड़े हैं। MMA सहित इन चार नए योगदानों को जोड़ें तो पाँच हटे पदकों में से चार की संख्यात्मक भरपाई हुई: 102 से 106; अभी एक की कमी। इसका मतलब कुल भारतीय अभियान का नुकसान सिर्फ एक पदक रह जाना नहीं है—बाकी खेलों की गिरावट अलग है।
107 से 77 का हिसाब, एक-एक कदम
नीचे की संख्या लाइव पदक तालिका नहीं है। यह पुराने 107 को इस बार के नतीजों और हमारे मध्य अनुमान के हिसाब से समायोजित करने का तरीका है। जिन खेलों में मुकाबले बाकी हैं, उनकी पंक्ति स्पष्ट रूप से अनुमान है।
| बदलाव | अंतर | समायोजित कुल |
|---|---|---|
| हांगझोउ का आधार | — | 107 |
| शतरंज, ब्रिज और रोलर स्केटिंग अनुपस्थित | −5 | 102 |
| एथलेटिक्स: 29 की जगह 24 | −5 | 97 |
| शूटिंग: 22 की जगह 15 | −7 | 90 |
| रोइंग: 5 की जगह 1 | −4 | 86 |
| बैडमिंटन: 3 की जगह 1 | −2 | 84 |
| टेनिस: 2 की जगह 0 | −2 | 82 |
| कैनो स्प्रिंट का पिछला एक पदक नहीं दोहराया | −1 | 81 |
| ड्रेसेज के पिछले दो पदक नहीं दोहराए | −2 | 79 |
| MMA, सॉफ्ट टेनिस, वेटलिफ्टिंग और कुराश से नया योगदान | +4 | 83 |
| बॉक्सिंग: पिछले 5 के मुकाबले 6 दर्ज या सुनिश्चित | +1 | 84 |
| तीरंदाजी का मध्य अनुमान: 9 की जगह कुल 7 | −2 | 82 |
| कुश्ती का मध्य अनुमान: 6 की जगह कुल 5 | −1 | 81 |
| गोल्फ, सेलिंग और सेपकटकरॉ: पिछले कुल 5 की जगह मध्य अनुमान में कुल 1 | −4 | 77 |
इस मध्य अनुमान में कबड्डी के दो, क्रिकेट के कुल दो, हॉकी के कुल दो, स्क्वैश के कुल पाँच, टेबल टेनिस का एक और वुशु का एक पदक पिछले स्तर पर रखे गए हैं। इनमें पुरुष हॉकी का पदक अभी पक्का नहीं है। घुड़सवारी की बाकी स्पर्धाओं या किसी दूसरे खेल से अप्रत्याशित पदक आए तो अनुमान बढ़ेगा।
कौन से बचे मुकाबले अनुमान बदल सकते हैं?
तीरंदाजी: 2 अक्टूबर को भारत की पुरुष, महिला और मिश्रित रिकर्व टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी। 3 अक्टूबर को धीरज बोम्मदेवरा, नीरज चौहान और कुमकुम मोहोड़ व्यक्तिगत क्वार्टर फाइनल में हैं। यहाँ से दो से पाँच अतिरिक्त पदकों का संपादकीय परिदृश्य रखा गया है। सेमीफाइनल में पहुँचने मात्र से तीरंदाजी का कांस्य पक्का नहीं होता; कांस्य मुकाबला जीतना पड़ता है।
कुश्ती: सुनील कुमार का कांस्य तालिका में है और नितेश का पदक सुनिश्चित है। मानसी के कांस्य मुकाबले तथा 2–3 अक्टूबर की बची भार श्रेणियों से इन दो के अलावा दो से पाँच और पदकों का परिदृश्य रखा गया है। इस तरह कुश्ती का कुल अनुमान चार से सात है; मध्य अनुमान पाँच।
हॉकी, क्रिकेट और स्क्वैश: महिला हॉकी का फाइनल 2 अक्टूबर और पुरुष क्रिकेट का फाइनल 3 अक्टूबर को है। पुरुष स्क्वैश का सेमीफाइनल 1 अक्टूबर को है; टीम का पदक पहले ही सुनिश्चित है। कटऑफ तक पुरुष हॉकी के भारत–पाकिस्तान सेमीफाइनल का परिणाम नहीं आया था। भारत पुरुष हॉकी में पदक जीते तो 69 के आधार में एक और जुड़ेगा।
गोल्फ और दूसरे खेल: दूसरे राउंड के बाद प्रणवी उर्स महिला व्यक्तिगत गोल्फ में 11 अंडर के साथ दूसरे स्थान पर थीं, नेता से दो शॉट पीछे। दो राउंड बाकी होने के कारण यह पदक अभी सुरक्षित नहीं है, लेकिन मध्य अनुमान में गोल्फ से एक रखा गया है। सेलिंग, वर्चुअल ताइक्वांडो और अन्य बचे भारतीय मुकाबले अतिरिक्त अवसर हैं। इन्हें मिलाकर संभावित सीमा में शून्य से दो अतिरिक्त पदक रखे गए हैं। गोल्फ की आधिकारिक राउंड-दो तालिका इस आकलन का आधार है।
तो क्या 70–85 का पुराना अनुमान अब भी सही है?
पुराना 70–85 का दायरा एक संपादकीय परिदृश्य था। ताज़ा जानकारी के बाद हमारा अधिक केंद्रित परिदृश्य 73–82 पदक है, जिसमें 77 मध्य अनुमान है। यह आधिकारिक दावा, गारंटी या सांख्यिकीय संभावना वाला मॉडल नहीं है। कमजोर या असाधारण प्रदर्शन से परिणाम इस सीमा के बाहर भी जा सकता है।
इसे मौजूदा स्थिति से भी समझें: 62 दर्ज + 7 सुनिश्चित = 69। मध्य परिदृश्य में रिकर्व तीरंदाजी से तीन, नितेश के अलावा बाकी कुश्ती से तीन, पुरुष हॉकी से एक और गोल्फ से एक अतिरिक्त पदक रखें: 69 + 3 + 3 + 1 + 1 = 77। सबसे जरूरी बात—ये आठ पदक अभी जीतने हैं।
इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि भारत की अंतिम संख्या तय हो चुकी है। लेकिन उपलब्ध परिणाम और बचे अवसर 107 से काफी नीचे रहने की दिशा दिखाते हैं। 77 वाला परिदृश्य सही निकला तो पिछली बार से 30 पदक कम होंगे; 73–82 की सीमा में अंतर 25 से 34 रहेगा। 85 तक पहुँचने के लिए भी 69 के दर्ज या सुनिश्चित आधार से 16 और पदक जीतने होंगे।
पदक संख्या के साथ रंग भी मायने रखता है। अंतिम दिनों में पहले से सुनिश्चित पदकों को स्वर्ण में बदलना भारत की रैंक सुधार सकता है, भले ही कुल पदकों की संख्या उसी अनुपात में न बढ़े।
संपादकीय पद्धति: प्रत्येक व्यक्तिगत, युगल या टीम पोडियम को पदक तालिका की एक इकाई माना गया है। टीम के सभी खिलाड़ियों को अलग-अलग पदक जोड़कर कुल नहीं बढ़ाया गया है। स्रोत आयोजकों की पदक तालिका, खेलवार परिणाम, Ianseo तीरंदाजी परिणाम और OCA का हांगझोउ अभिलेख हैं। हमारा प्रतियोगिता से पहले का 107 पदकों वाला विश्लेषण अलग ऐतिहासिक संदर्भ है; यह लेख 1 अक्टूबर के नतीजों पर आधारित नया आकलन है।
हीरो चित्र: SportsNet News के लिए AI से निर्मित सांकेतिक संपादकीय चित्र। यह किसी वास्तविक मुकाबले, खिलाड़ी या आधिकारिक पदक की तस्वीर नहीं है।







