लॉज़ेन/नई दिल्ली। एसोसिएशन ऑफ नेशनल ओलंपिक कमेटीज़ (ANOC) ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और गुजरात सरकार के प्रतिनिधिमंडल का अपने मुख्यालय में स्वागत किया। 23 जून 2026 को आयोजित बैठक में दोनों पक्षों ने खेल विकास, ओलंपिक आंदोलन की गतिविधियों और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
ANOC की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बैठक को रचनात्मक बताया गया और इसका उद्देश्य भारतीय ओलंपिक संघ तथा ANOC के बीच सहयोग को आगे बढ़ाना था। बैठक में नेशनल ओलंपिक कमेटियों को मजबूत करने और खेल विकास के लिए संभावित साझा अवसरों पर भी विचार किया गया।
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल था?
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में IOA उपाध्यक्ष और ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग के साथ केंद्र और गुजरात सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख नाम थे:
- गगन नारंग, उपाध्यक्ष, भारतीय ओलंपिक संघ
- हरिकुमार मुरुगवेल, खेल निदेशक, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
- हर्ष संघवी, उपमुख्यमंत्री, गुजरात
- राहुल गुप्ता, प्रधान सचिव, खेल, युवा एवं सांस्कृतिक गतिविधियां विभाग, गुजरात
- अश्विनी कुमार, प्रधान सचिव, ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग, गुजरात
ANOC ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के साथ IOA की वर्तमान गतिविधियों और विकास कार्यों पर अपडेट साझा किए गए।
हांगकांग में होने वाली ANOC General Assembly पर भी चर्चा
बैठक के दौरान 2026 में हांगकांग, चीन में होने वाली ANOC General Assembly की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
ANOC General Assembly में दुनिया की नेशनल ओलंपिक कमेटियों के प्रतिनिधि भाग लेते हैं। यह मंच खेल प्रशासन, ओलंपिक आंदोलन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नेशनल ओलंपिक कमेटियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद का अवसर प्रदान करता है।
गुजरात सरकार की मौजूदगी क्यों महत्वपूर्ण?
बैठक में गुजरात सरकार के उपमुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारत 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी अहमदाबाद में करने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। इसके साथ ही भारत ने 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी में भी रुचि दिखाई है। ऐसे में IOA के साथ गुजरात सरकार के प्रतिनिधियों की ANOC मुख्यालय यात्रा को भारत की व्यापक अंतरराष्ट्रीय खेल रणनीति के संदर्भ में देखा जा सकता है।
हालांकि ANOC की आधिकारिक विज्ञप्ति में इस बैठक को 2036 ओलंपिक बोली से सीधे नहीं जोड़ा गया है। इसलिए इसे फिलहाल खेल सहयोग और भविष्य की संभावनाओं पर हुई बैठक के रूप में ही देखना अधिक उचित होगा।
2030 राष्ट्रमंडल खेलों से बढ़ी भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षा
भारत ने इससे पहले अहमदाबाद में 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए औपचारिक प्रयास किए थे। यह आयोजन भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की क्षमता प्रदर्शित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
2030 राष्ट्रमंडल खेलों की सफल मेजबानी भारत के 2036 ओलंपिक अभियान के लिए भी महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। बड़े खेल आयोजनों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा, प्रशासनिक समन्वय, वित्तीय योजना और अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं के साथ संबंध इस प्रक्रिया के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
क्या यह 2036 ओलंपिक रणनीति का हिस्सा है?
ANOC ने बैठक में 2036 ओलंपिक खेलों की बोली या उम्मीदवार शहर पर किसी औपचारिक चर्चा की पुष्टि नहीं की है।
लेकिन गुजरात सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधियों, IOA उपाध्यक्ष और खेल मंत्रालय के अधिकारी की एक साथ मौजूदगी से यह संकेत अवश्य मिलता है कि भारत अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संस्थाओं के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।
यह एक संभावित रणनीतिक संकेत है, लेकिन इसे आधिकारिक ओलंपिक बोली बैठक कहना अभी जल्दबाजी होगी।
पी. टी. उषा प्रतिनिधिमंडल में क्यों नहीं थीं?
ANOC मुख्यालय पहुंचे भारतीय प्रतिनिधिमंडल की आधिकारिक सूची में IOA अध्यक्ष पी. टी. उषा का नाम शामिल नहीं था और भारतीय ओलंपिक संघ का प्रतिनिधित्व उपाध्यक्ष गगन नारंग ने किया।
हालांकि इसे IOA के भीतर किसी मतभेद से जोड़ना उचित नहीं होगा। पी. टी. उषा 23 जून 2026 को तिरुवनंतपुरम में आयोजित Aichi–Nagoya Asian Games Fun Run और International Olympic Day कार्यक्रम में मौजूद थीं। इस कार्यक्रम में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी भाग लिया और Fun Run को हरी झंडी दिखाई।
इसके अतिरिक्त, 24 जून 2026 को IOA Executive Council की बैठक निर्धारित होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में तिरुवनंतपुरम के कार्यक्रम और अगले दिन की IOA बैठक से जुड़ी पूर्व निर्धारित जिम्मेदारियों के कारण पी. टी. उषा का ANOC प्रतिनिधिमंडल में शामिल न होना स्वाभाविक माना जा सकता है।
इसलिए उनकी अनुपस्थिति को फिलहाल किसी प्रशासनिक मतभेद या प्रतिनिधिमंडल से दूरी के संकेत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। ANOC बैठक में IOA का प्रतिनिधित्व उपाध्यक्ष गगन नारंग ने किया, जबकि पी. टी. उषा भारत में Olympic Day कार्यक्रम और IOA की आगामी प्रशासनिक जिम्मेदारियों में व्यस्त थीं।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर
ANOC के अनुसार, बैठक में दोनों पक्षों ने इस बात पर विचार किया कि ANOC और IOA किस प्रकार मिलकर खेल विकास तथा नेशनल ओलंपिक कमेटियों की कार्यप्रणाली को मजबूत कर सकते हैं।
ANOC ने कहा कि वह भारतीय ओलंपिक संघ और उसके साझेदारों के साथ संवाद जारी रखने का इच्छुक है।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी भूमिका बढ़ाने, बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी करने और अपने खेल प्रशासन को वैश्विक मानकों के अनुरूप मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस बैठक के बाद ANOC, IOA, केंद्र सरकार और गुजरात सरकार के बीच किसी ठोस कार्यक्रम, साझेदारी या नई पहल की घोषणा होती है या नहीं।
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