स्पोर्ट्स डेस्क, SportsNetNews.in

शिलॉन्ग: भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में आयोजित होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेल (National Games 2027) देश के खेल इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होने जा रहे हैं। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने मेघालय के अपने हालिया दौरे पर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मेघालय और पूरे पूर्वोत्तर के खिलाड़ियों के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए 150 करोड़ रुपये की लागत से एक विश्व स्तरीय ‘हाई-एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर’ (High-Altitude Training Center) के निर्माण को मंजूरी दी।

इस कदम से न केवल मेघालय में खेल के बुनियादी ढांचे (Sports Infrastructure) को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय एथलीटों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं भी घर बैठे मिल सकेंगी।

39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों की हुई हाई-लेवल समीक्षा

मेघालय की मेजबानी में होने वाले National Games 2027 को भव्य और त्रुटिहीन बनाने के लिए शिलॉन्ग में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता खुद केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने की।

इस महत्वपूर्ण बैठक में खेल जगत और राजनीति की कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें शामिल थे:

  • कॉनराड संगमा (मुख्यमंत्री, मेघालय)
  • रक्षा खडसे (केंद्रीय युवा मामले और खेल राज्य मंत्री)
  • पी.टी. उषा (महान एथलीट और अध्यक्ष, भारतीय ओलंपिक संघ – IOA)
  • पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के खेल मंत्रालयों और खेल विभागों के वरिष्ठ अधिकारी।

बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. मंडाविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुसार, ये राष्ट्रीय खेल सिर्फ एक टूर्नामेंट मात्र नहीं हैं। यह आयोजन पूरे पूर्वोत्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अनूठी परंपराओं और विविधता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का एक स्वर्णिम अवसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) और डायवर्सिटी (विविधता) इस बार के राष्ट्रीय खेलों का मुख्य संदेश होंगे।

मेघालय को मिला ‘मल्टीपर्पज इनडोर स्पोर्ट्स हॉल’ का तोहफा

अपने इस दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री मंडाविया ने शिलॉन्ग में नवनिर्मित ‘मल्टीपरपज इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स इनडोर हॉल’ का भव्य उद्घाटन भी किया। इस अत्याधुनिक इनडोर हॉल में कई इनडोर गेम्स के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मौजूद हैं, जो युवा एथलीटों को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका देंगी।

खेल मंत्री ने कहा कि यह इनडोर हॉल और जल्द ही बनने वाला 150 करोड़ रुपये का हाई-एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर मिलकर मेघालय को देश का एक प्रमुख स्पोर्ट्स हब बना देंगे। उन्होंने खेल के क्षेत्र में आधुनिक साइंटिफिक एप्रोच (Sports Science) और एडवांस ट्रेनिंग पद्धतियों को लागू करने के लिए मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के प्रयासों की सराहना की और कहा कि मेघालय का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक है।

खिलाड़ियों के स्टैमिना को बूस्ट करेगा हाई-एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर

विशेषज्ञों के अनुसार, हाई-एल्टीट्यूड ट्रेनिंग (अधिक ऊंचाई पर अभ्यास) से एथलीटों की रेड ब्लड सेल्स (RBC) और ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता बढ़ती है, जिससे उनका स्टैमिना और परफॉर्मेंस बेहतर होती है। मेघालय की भौगोलिक स्थिति इस प्रकार के सेंटर के लिए बेहद अनुकूल है। 150 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि से बनने वाला यह सेंटर भारतीय एथलीटों को ओलंपिक और एशियन गेम्स जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में गेम-चेंजर साबित होगा।

डोपिंग के खिलाफ जागरूकता और ‘माई भारत’ वॉलंटियर्स की भूमिका

राष्ट्रीय खेलों के बढ़ते दायरे और खिलाड़ियों की रिकॉर्ड भागीदारी को देखते हुए केंद्रीय मंत्री ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस मेगा इवेंट का उपयोग जमीनी स्तर पर नई प्रतिभाओं को तलाशने (Talent Scouting) के साथ-साथ एथलीटों के बीच डोपिंग के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए किया जाना चाहिए।

इसके अतिरिक्त, खेलों के सुचारू और सफल संचालन के लिए उन्होंने केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘माई भारत’ (MY Bharat – Youth Volunteers) के वालंटियर्स को बड़े पैमाने पर इस आयोजन से जोड़ने का निर्देश दिया, जिससे युवाओं में लीडरशिप और मैनेजमेंट स्किल्स का विकास हो सके।

भारतीय खेलों का नया पावरहाउस बन रहा है पूर्वोत्तर (North-East)

देश के खेल परिदृश्य में पूर्वोत्तर राज्यों के शानदार प्रदर्शन और योगदान को रेखांकित करते हुए डॉ. मनसुख मंडाविया ने एक बेहद दिलचस्प और आंखें खोलने वाला आंकड़ा साझा किया:

क्षेत्रदेश की कुल आबादी में हिस्सेदारीकुल ‘खेलो इंडिया सेंटर्स’ में हिस्सेदारी
पूर्वोत्तर भारत (North-East)लगभग 4%लगभग 25%

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह डेटा इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि मोदी सरकार खेल संसाधनों और बजट के आवंटन में किसी राज्य के आकार या उसकी आबादी को नहीं, बल्कि वहां की खेल प्रतिभा और क्षमता को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि मेघालय अपनी बेमिसाल मेजबानी और बेहतरीन बुनियादी ढांचे के दम पर National Games 2027 को भारतीय खेलों के इतिहास का सबसे सफल और यादगार आयोजन बनाएगा।

खेल जगत की अन्य ताजातरीन खबरों और National Games 2027 के पल-पल के अपडेट्स के लिए जुड़े रहें SportsNetNews.in के साथ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here