NSF सहायता योजना के नए दिशानिर्देश: 2026–27 से 2030–31 के लिए 7,386.74 करोड़ रुपये का परिव्यय
संशोधित NSF सहायता योजना का कुल परिव्यय और अवधि। सांकेतिक ग्राफिक: Sportsnet News।

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026: राष्ट्रीय खेल महासंघों को मिलने वाली सरकारी सहायता में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी, खिलाड़ियों की विशेष ट्रेनिंग और देशी खेलों के विदेशों में विस्तार के लिए नए प्रावधान जोड़े गए हैं। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने संशोधित NSF सहायता योजना के संचालन संबंधी दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। वर्ष 2026–27 से 2030–31 तक चलने वाली इस योजना का कुल परिव्यय ₹7,386.74 करोड़ है।

मंत्रालय की 16 अक्टूबर को जारी जानकारी के अनुसार, सरकार इस अवधि के लिए योजना को जारी रखने की मंजूरी पहले दे चुकी है। अब जारी दिशानिर्देशों में सहायता के अलग-अलग मदों के संशोधित मानक और नई गतिविधियाँ शामिल की गई हैं। इनमें भारत में किसी अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेजबानी के लिए ₹50 करोड़ तक और राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए भी ₹50 करोड़ तक सहायता का प्रावधान प्रमुख है।

एनएसएफ कॉन्क्लेव 2026 में दस्तावेज प्रदर्शित करते खेल मंत्री मनसुख मांडविया और अन्य प्रतिनिधि
एनएसएफ कॉन्क्लेव 2026 की तस्वीर, जिसे मंत्रालय ने दिशानिर्देशों की विज्ञप्ति के साथ जारी किया। फोटो: PIB / युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय।

NSF सहायता योजना में अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए क्या बदला?

भारत में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कराने वाले राष्ट्रीय खेल महासंघों को अब एक आयोजन के लिए अधिकतम ₹50 करोड़ की वित्तीय सहायता दी जा सकती है। कितनी राशि मिलेगी, यह प्रतियोगिता के स्वरूप और महत्व के साथ उसमें भाग लेने वाले देशों तथा खिलाड़ियों की संख्या पर निर्भर करेगा।

महासंघों के प्रस्तावों का मूल्यांकन खेल सचिव की अध्यक्षता वाली निर्धारित समिति करेगी। इसलिए ₹50 करोड़ को हर आयोजन के लिए तय या स्वतः मिलने वाला अनुदान नहीं माना जाना चाहिए। यह योजना के तहत सहायता की ऊपरी सीमा है।

राष्ट्रीय खेलों के उपकरण और तकनीकी संचालन को मदद

राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए भी ₹50 करोड़ तक सहायता का प्रावधान किया गया है। यह मदद खेल उपकरण, टाइमिंग, स्कोरिंग और रिजल्ट सेवाओं यानी TSR, तकनीकी अधिकारियों के पारिश्रमिक तथा प्रतियोगिताओं के तकनीकी संचालन से संबंधित होगी।

मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेलों के महत्व और उनके उचित स्तर पर आयोजन की जरूरत को इस प्रावधान का आधार बताया है। इससे आयोजन के तकनीकी पक्ष के लिए सहायता का रास्ता खुलता है; विज्ञप्ति में किसी विशेष मेजबान राज्य को राशि जारी करने की घोषणा नहीं की गई है।

एक खेल पर केंद्रित ओलंपिक ट्रेनिंग सेंटर की योजना

संशोधित योजना में ओलंपिक ट्रेनिंग सेंटर यानी OTC का भी प्रावधान है। मंत्रालय के अनुसार, ऐसे केंद्र स्थापित करने की योजना है जहाँ एक विशेष खेल के लिए आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ, विशेषज्ञ और नवीनतम खेल विज्ञान उपकरण उपलब्ध हों। इसका उद्देश्य देश के शीर्ष खिलाड़ियों की विदेश में प्रशिक्षण पर निर्भरता कम करना है।

इन केंद्रों में अभ्यास करने वाले भारतीय एलीट खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षकों, तकनीकी कर्मचारियों, खेल विज्ञान सेवाओं, विशेष उपकरण और तकनीकी सहयोग पर सहायता दी जाएगी। फिलहाल खिलाड़ी राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों, अकादमियों, निजी खेल सुविधाओं और विदेशों में प्रशिक्षण लेते हैं। विज्ञप्ति में नए केंद्रों की संख्या, स्थान या शुरू होने की तारीख नहीं बताई गई है।

एनएसएफ कॉन्क्लेव 2026 के दौरान बोलते केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया। फोटो: PIB / युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय।

खिलाड़ियों की ट्रेनिंग से राष्ट्रीय चैंपियनशिप तक सहायता

NSF सहायता योजना ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, पैरालंपिक और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े आयोजनों के लिए भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी का प्रमुख सरकारी माध्यम है। इसके दायरे में राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर, अकादमियों में ट्रेनिंग, रहने-खाने की सुविधा, खेल किट, बीमा और खेल विज्ञान सेवाएँ आती हैं।

विदेशी प्रशिक्षकों, हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर, फिजियोथेरेपिस्ट, खेल वैज्ञानिकों और चिकित्सकों की सेवाओं के साथ विदेश में ट्रेनिंग तथा प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए भी मदद उपलब्ध है। सीनियर, जूनियर और सब-जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप, जमीनी स्तर पर प्रतिभा विकास और महासंघों के प्रशासनिक कामकाज को भी योजना में स्थान दिया गया है।

देशी खेलों की वैश्विक पहुँच और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

भारत के देशी खेलों को दुनिया तक पहुँचाने के लिए संबंधित महासंघों को सहायता का नया घटक जोड़ा गया है। इसमें दूसरे देशों में राष्ट्रीय महासंघों के गठन के प्रयास और भारत में कार्यालय रखने वाले देशी खेलों के अंतरराष्ट्रीय या महाद्वीपीय महासंघों को आवश्यक सहयोग शामिल है।

ओलंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल जैसी प्रतियोगिताओं में देशी खेलों को प्रदर्शन स्पर्धा के रूप में शामिल कराने के प्रयासों को भी सहायता दी जा सकेगी। यह प्रयासों के समर्थन का प्रावधान है, किसी खेल के इन प्रतियोगिताओं में शामिल हो जाने की घोषणा नहीं।

ग्लोबल साउथ देशों के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए छात्रवृत्ति तथा रियायती प्रशिक्षण सुविधाओं के जरिए सहयोग का प्रावधान भी रखा गया है। BRICS और BIMSTEC जैसे बहुपक्षीय समूहों से जुड़ी खेल प्रतियोगिताओं, सम्मेलनों, बैठकों, शोध और कार्यशालाओं को भी वित्तीय सहायता के दायरे में लाया गया है।

2030 की तैयारी और 2036 की दावेदारी से जुड़ा ढाँचा

मंत्रालय ने इन नए प्रावधानों को देश की दीर्घकालिक खेल योजना, राष्ट्रमंडल खेल 2030 की तैयारियों और 2036 ओलंपिक की दावेदारी से जोड़ा है। भारत में कार्यालय रखने वाले मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय या महाद्वीपीय खेल निकायों को सहयोग देने के लिए NSF या राष्ट्रीय ओलंपिक समिति को मामले के आधार पर सहायता दी जा सकेगी। इसके लिए भी खेल सचिव की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश का प्रावधान है।

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यह खबर युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय की 16 अक्टूबर 2026 की PIB विज्ञप्ति के आधार पर तैयार की गई है। विस्तृत नियम मंत्रालय के आधिकारिक दिशानिर्देशों में उपलब्ध हैं।

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Harpal Singh Flora
हरपाल सिंह फ्लोरा एक वरिष्ठ खेल पत्रकार और SPORTSNET NEWS के स्पोर्ट्स एडिटर हैं, जो भारत में खेल प्रशासन (Sports Governance), नीतियों और खेल तंत्र की गहन और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए Excellence of Journalism Award से सम्मानित किया जा चुका है। इसके साथ ही वे Newspapers Association of India (NAI) में National Organising Secretary के पद पर भी कार्यरत हैं।हरपाल सिंह फ्लोरा का फोकस सिर्फ़ मैच और नतीजों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे खेलों के पीछे चल रहे सिस्टम, नीतियों, फेडरेशन की कार्यप्रणाली और खिलाड़ियों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाने का काम करते हैं।SPORTSNET NEWS के माध्यम से उनका उद्देश्य खेल पत्रकारिता को एक नई दिशा देना है—जहाँ सिर्फ खबर नहीं, बल्कि समाधान और जवाबदेही की बात हो।Harpal Singh Flora is a senior sports journalist and the Sports Editor at SPORTSNET NEWS, specializing in sports governance, policy analysis, and investigative reporting in Indian sports.He is an Excellence of Journalism Awardee and serves as the National Organising Secretary at the Newspapers Association of India (NAI).His work focuses on uncovering systemic issues in sports administration, ensuring accountability, and bringing forward policy-level discussions beyond match results.

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