मेघालय होगा मुख्य मेजबान; पूर्वोत्तर के अन्य सात राज्यों में भी मुकाबलों का प्रस्ताव, खेलों की अंतिम सूची का इंतजार
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। Sportsnet Wire (News Agency) की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने 2027 के 39वें राष्ट्रीय खेलों के लिए पांच सदस्यीय गेम्स टेक्निकल कंडक्ट कमेटी (जीटीसीसी) का गठन किया है। सुनैना कुमारी को एक बार फिर इसकी अध्यक्ष बनाया गया है। समिति 14 अक्टूबर से प्रभावी है।
सुनैना कुमारी इससे पहले उत्तराखंड में 28 जनवरी से 14 फरवरी 2025 तक आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों की जीटीसीसी की अध्यक्ष भी थीं। नई समिति में रविंदर चौधरी, मनिंदर पाल सिंह, वी सुनील कुमार और दुष्यंत शर्मा सदस्य हैं।
मेघालय के साथ सात अन्य राज्यों में भी मुकाबलों की योजना
39वें राष्ट्रीय खेलों का मुख्य मेजबान मेघालय होगा। अधिकांश प्रतियोगिताएं वहीं कराने की योजना है। पूर्वोत्तर के बाकी सात राज्यों—अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा—में कम से कम एक-एक खेल आयोजित करने का प्रस्ताव है।
राज्य के खेल मंत्री वाइलादमिकी शायला ने जनवरी में अन्य राज्यों को भी मेजबानी का अवसर देने की बात कही थी। इसी महीने उन्होंने जीटीसीसी जल्द गठित करने का आग्रह किया था, ताकि खेलों का चयन होने के बाद सुविधाओं और आयोजन की तैयारियां आगे बढ़ाई जा सकें।
खेलों की सूची और राज्यों का बंटवारा अभी बाकी
समिति बन जाने के बावजूद यह तय होना बाकी है कि राष्ट्रीय खेलों में कौन-कौन से खेल शामिल होंगे और किस राज्य को किस खेल की मेजबानी मिलेगी। Sportsnet Wire की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अक्टूबर के गठन पत्र में खेलों की अंतिम सूची या राज्यों के बीच उनका बंटवारा नहीं दिया गया है।
कई राज्यों में आयोजन होने पर तैयारियों का तालमेल अहम होगा। अलग-अलग प्रशासन के साथ मैदानों का निरीक्षण, उपकरणों की उपलब्धता, तकनीकी अधिकारियों की तैनाती और प्रतियोगिताओं का समय तय करना होगा। यात्रा, आवास और उपकरणों की आवाजाही की योजना में भी आयोजन स्थलों के बीच की दूरी को ध्यान में रखना पड़ेगा। सभी जगह प्रतियोगिता के समान मानक बनाए रखना जरूरी होगा।
जीटीसीसी में किन्हें मिली जिम्मेदारी?
समिति की अध्यक्ष सुनैना कुमारी लॉन बॉल्स से जुड़े बॉलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की पूर्व अध्यक्ष हैं। रविंदर चौधरी भारतीय एथलेटिक्स महासंघ की तकनीकी समिति के अध्यक्ष हैं, जबकि मनिंदर पाल सिंह भारतीय साइक्लिंग महासंघ के महासचिव हैं।
वी सुनील कुमार केरल ओलंपिक संघ के अध्यक्ष हैं। जम्मू-कश्मीर के खेल प्रशासक दुष्यंत शर्मा पूर्व अंतरराष्ट्रीय पहलवान और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष हैं।
कार्यक्रम से लेकर तकनीकी विवादों तक निगरानी
आईओए के आदेश के संबंध में एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जीटीसीसी प्रतियोगिताओं के कार्यक्रम, प्रविष्टियों, पात्रता नियमों, तकनीकी जरूरतों और उपकरणों की व्यवस्था की निगरानी करेगी। प्रतियोगिता तथा अभ्यास स्थलों की तैयारियां भी इसके दायरे में रहेंगी।
समिति राष्ट्रीय खेल महासंघों और तकनीकी अधिकारियों के साथ समन्वय करेगी। संबंधित खेलों की तकनीकी समस्याओं और विवादों के समाधान के साथ उसे यह भी सुनिश्चित करना होगा कि मुकाबले संबंधित महासंघों और राष्ट्रीय खेलों के स्वीकृत नियमों के अनुसार हों।
खेलों के अंतिम कार्यक्रम को मंजूरी देने का अधिकार आईओए के पास रहेगा। जरूरत होने पर समिति में अतिरिक्त सदस्य, तकनीकी विशेषज्ञ और संबंधित राष्ट्रीय महासंघों के प्रतिनिधि जोड़े जा सकेंगे।
₹210 करोड़ का प्रस्ताव, विस्तृत कार्यक्रम का इंतजार
मेघालय और आईओए के बीच 30 मई 2026 को मेजबानी समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। उस अवसर पर मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को अपने यहां होने वाले खेलों में मेजबान के रूप में भागीदारी का अधिकार मिलने की बात कही थी।
राज्य के 2026–27 के बजट भाषण में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए ₹210 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित किया गया था। इसमें अधिकांश प्रतियोगिताएं मेघालय और चुनिंदा स्पर्धाएं पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में कराने की योजना भी शामिल है।
मेघालय की तैयारियों में मार्च 2027 का उल्लेख है। हालांकि, जीटीसीसी के गठन पत्र में उद्घाटन और समापन की तारीखें घोषित नहीं की गई हैं। खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और राज्य संघों के लिए अब अगली अहम जानकारी खेलों की मंजूर सूची, आयोजन स्थल, प्रवेश की शर्तें और विस्तृत कार्यक्रम होंगे।
समाचार श्रेय: Sportsnet Wire (News Agency)









अच्छा खबर है
राष्ट्रीय खेल प्रतीयोगीता का आयोजन खबरे लिंगाने चाहिए