लागोस: सीनियर कॉमनवेल्थ फेंसिंग 2026 की सीनियर चैंपियनशिप में भारतीय तलवारबाजों ने व्यक्तिगत मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है। भारत के करण सिंह ने पुरुष सेबर व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जबकि महिला फॉइल में कनागलक्ष्मी ने गोल्ड और जॉयस अशिता ने सिल्वर अपने नाम किया। उपलब्ध पुष्ट नतीजों के अनुसार भारत ने इन दो स्पर्धाओं में दो स्वर्ण और एक रजत पदक हासिल कर मजबूत छाप छोड़ी है।
नाइजीरिया के लागोस स्थित रग्बी स्कूल, एको अटलांटिक में 9 से 14 अगस्त तक आयोजित इस चैंपियनशिप में सीनियर व्यक्तिगत स्पर्धाएं 10 और 11 अगस्त को हुईं। 12 अगस्त को छह सीनियर टीम स्पर्धाओं का कार्यक्रम रखा गया है, इसलिए भारत के पदकों की संख्या आगे और बढ़ सकती है।
करण सिंह ने पुरुष सेबर में जीता गोल्ड
करण सिंह ने पुरुष सेबर व्यक्तिगत स्पर्धा में शीर्ष स्थान हासिल कर भारतीय फेंसिंग को एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता दिलाई। भारतीय खिलाड़ी ने दबाव वाले नॉकआउट चरण में अपनी गति, सही समय पर आक्रमण और रक्षात्मक नियंत्रण का बेहतरीन संयोजन दिखाया। लागोस के अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनका गोल्ड भारतीय दल के लिए मनोबल बढ़ाने वाली उपलब्धि है।
करण पहले भी राष्ट्रमंडल स्तर पर पदक जीत चुके हैं। इस जीत ने यह भी दिखाया कि भारतीय सेबर खिलाड़ी अब बड़े बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में लगातार चुनौती पेश करने की क्षमता रखते हैं। पुरुष सेबर में मिली यह सफलता टीम इवेंट से पहले भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण संकेत है।
महिला फॉइल पोडियम पर भारत का दबदबा
सीनियर महिला फॉइल व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत ने गोल्ड और सिल्वर दोनों जीते। कनागलक्ष्मी ने स्वर्ण पदक पर कब्जा किया, जबकि जॉयस अशिता दूसरे स्थान पर रहीं। इंग्लैंड की जॉर्जिया ग्रीन और एमिली गुडचाइल्ड ने कांस्य पदक हासिल किए। इस तरह पोडियम के शीर्ष दो स्थान भारतीय खिलाड़ियों के नाम रहे।
एक ही स्पर्धा में गोल्ड-सिल्वर जीतना भारतीय महिला फेंसिंग की बढ़ती गहराई को दर्शाता है। कनागलक्ष्मी और जॉयस अशिता का प्रदर्शन तकनीक, धैर्य और निर्णायक क्षणों में अंक जुटाने की क्षमता का परिणाम रहा। दोनों खिलाड़ियों की सफलता टीम फॉइल मुकाबले से पहले भारत की पदक उम्मीदों को और मजबूत करती है।
सीनियर कॉमनवेल्थ फेंसिंग 2026 में भारत के पुष्ट पदक
- करण सिंह — पुरुष सेबर व्यक्तिगत — स्वर्ण पदक
- कनागलक्ष्मी — महिला फॉइल व्यक्तिगत — स्वर्ण पदक
- जॉयस अशिता — महिला फॉइल व्यक्तिगत — रजत पदक
नोट: यह सूची 11 अगस्त तक उपलब्ध और पुष्ट किए गए संबंधित सीनियर व्यक्तिगत नतीजों पर आधारित है। अन्य स्पर्धाओं के आधिकारिक परिणाम आने पर पदक संख्या बदल सकती है।
भारत का 67 सदस्यीय दल, टीम मुकाबलों पर नजर
आयोजकों से पहले जारी जानकारी के अनुसार भारत ने सीनियर, अंडर-23, वेटरन और पैरा वर्गों को मिलाकर 67 फेंसर्स का सबसे बड़ा दल उतारा है। प्रतियोगिता में फॉइल, एपी और सेबर—तीनों हथियारों की स्पर्धाएं शामिल हैं। बड़े दल और व्यक्तिगत इवेंट में शुरुआती सफलता के कारण टीम मुकाबलों में भी भारत से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है।
12 अगस्त के कार्यक्रम में पुरुष और महिला एपी टीम, पुरुष और महिला फॉइल टीम तथा पुरुष और महिला सेबर टीम इवेंट शामिल हैं। कनागलक्ष्मी, जॉयस अशिता और करण सिंह की व्यक्तिगत सफलता टीम साथियों को आत्मविश्वास दे सकती है। हालांकि टीम स्पर्धा की रणनीति अलग होती है और हर बाउट का कुल स्कोर निर्णायक रहता है।
भारतीय फेंसिंग के लिए क्यों खास है यह प्रदर्शन?
कॉमनवेल्थ फेंसिंग सीनियर चैंपियनशिप हर चार साल में आयोजित होती है और इसे कॉमनवेल्थ फेंसिंग फेडरेशन संचालित करता है। फेंसिंग फिलहाल कॉमनवेल्थ गेम्स के मुख्य खेल कार्यक्रम में शामिल नहीं है, इसलिए यह स्वतंत्र चैंपियनशिप राष्ट्रमंडल देशों के शीर्ष फेंसर्स के लिए महत्वपूर्ण मंच है। 2026 संस्करण पहली बार पश्चिम अफ्रीका में आयोजित हो रहा है।
सीनियर कॉमनवेल्थ फेंसिंग 2026 में दो व्यक्तिगत गोल्ड और महिला फॉइल का डबल पोडियम भारतीय फेंसिंग के विस्तार का संकेत है। यह प्रदर्शन आगामी एशियाई और वैश्विक प्रतियोगिताओं से पहले खिलाड़ियों के आत्मविश्वास तथा भारत की बेंच स्ट्रेंथ—दोनों के लिए सकारात्मक खबर है।
आगे क्या?
सीनियर टीम मुकाबलों के बाद 13 अगस्त को वेटरन व्यक्तिगत और 14 अगस्त को वेटरन टीम इवेंट निर्धारित हैं। भारतीय प्रशंसकों की नजर अब टीम फॉइल और टीम सेबर पर रहेगी, जहां व्यक्तिगत पदक विजेताओं की लय भारत को अतिरिक्त बढ़त दिला सकती है। ताजा भारतीय खेल खबरों के लिए SportsNet Intel से जुड़े रहें।
स्रोत: Commonwealth Fencing Federation, CFC Lagos 2026 और राजीव मेहता की सार्वजनिक सोशल मीडिया अपडेट।








