भारतीय खेल जगत और वैश्विक वेलनेस (Global Wellness) के इतिहास में एक बहुत बड़ा और सुनहरा अध्याय जुड़ने जा रहा है। भारत ने आधिकारिक तौर पर पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 (1st World Yogasana Championship) का अनावरण कर दिया है। यह दुनिया की पहली ऐसी वैश्विक प्रतियोगिता होगी, जो पूरी तरह से ‘योगासन’ को एक अंतरराष्ट्रीय खेल के रूप में समर्पित है।
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में इस ऐतिहासिक वैश्विक खेल पहल की शुरुआत की। 70 से अधिक देशों की भारी भागीदारी के साथ, भारत अब अपनी इस प्राचीन विधा को विश्व मंच (World Stage) पर एक आधुनिक खेल के रूप में स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
नई दिल्ली में हुआ ऐतिहासिक अनावरण: ‘वीर’ बना चैंपियनशिप का मैस्कॉट

Sportsnet News: नई दिल्ली में महासंघ के पदाधिकारियों की उपस्थिति में हुए इस आधिकारिक लॉन्च इवेंट में इस मेगा चैंपियनशिप की पूरी ब्रांडिंग दुनिया के सामने रखी गई। इस दौरान इवेंट का लोगो (Logo), चमचमाती ट्रॉफी (Trophy), आधिकारिक जर्सी (Official Jersey) और सबसे खास— चैंपियनशिप का मैस्कॉट (शुभंकर) ‘वीर’ (Veer) लॉन्च किया गया।
‘वीर’ और इस चैंपियनशिप की पूरी पहचान सिर्फ एक इवेंट तक सीमित नहीं है। यह खेल में उत्कृष्टता (Sports Excellence), वैश्विक एकता, युवाओं की आकांक्षाओं और ग्लोबल वेलनेस में भारत के नेतृत्व को दर्शाती है। यह आयोजन असल में भारत की गौरवशाली ‘विरासत’ और ‘विकसित भारत’ की आधुनिक सोच का एक शानदार संगम है।
वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप 2026: एक नजर में
- आयोजन की तारीख: 4 जून से 8 जून 2026
- आयोजन स्थल: एका अरीना (EKA Arena), अहमदाबाद, गुजरात
- वैश्विक भागीदारी: 70 से अधिक देशों के योगासन खिलाड़ी और उनके प्रतिनिधि
- शामिल प्रमुख देश: नीदरलैंड, जापान, ओमान, मॉरीशस, जाम्बिया, केन्या, नेपाल, और श्रीलंका सहित दुनिया भर के देश।
योगासन: एक प्राचीन कला से ‘ग्लोबल स्पोर्ट्स’ तक का रोमांचक सफर
अक्सर लोग योग को सिर्फ शांति, ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यास (Spiritual Practice) से जोड़कर देखते हैं। लेकिन ‘योगासन एक खेल के रूप में’ (Competitive Yogasana) पूरी दुनिया में तेजी से उभर रहा है।
क्या है योगासन खेल? योगासन खेल जिम्नास्टिक की तरह ही एक बेहद प्रतिस्पर्धी खेल (Competitive Sport) है। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक ताकत, लचीलापन (Flexibility), संतुलन (Balance), और मुद्राओं को होल्ड करने की टाइमिंग देखी जाती है। जब खिलाड़ी मैट पर कठिन से कठिन आसनों को बेहद परफेक्शन और ग्रेस के साथ करते हैं, तो जजों का पैनल उन्हें तकनीकी बारीकियों के आधार पर अंक (Points) देता है।
दुनिया भर में योगासन की स्वीकार्यता (Global Acceptance): साल 2015 में ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ की शुरुआत के बाद से, पूरी दुनिया ने योग की ताकत को पहचाना है। आज अमेरिका, यूरोप और एशियाई देशों में योगासन की नेशनल चैंपियनशिप्स हो रही हैं। भारत में इसे ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ (Khelo India Youth Games) में शामिल कर पहले ही राष्ट्रीय खेल का दर्जा दिया जा चुका है। अब वर्ल्ड चैंपियनशिप के जरिए इसे एक असली ग्लोबल स्पोर्ट्स अनुशासन (Global Sporting Discipline) बनाया जा रहा है।
5 महाद्वीपों के खिलाड़ी दिखाएंगे दम, दिग्गजों ने कही ये बड़ी बातें
इस विश्व चैंपियनशिप का रोमांच पूरी दुनिया के एथलीट्स के सिर चढ़कर बोल रहा है।
विश्व योगासन एवं योगासन भारत के महासचिव, जगदीप आर्य ने इस मौके पर कहा, मेरा मुख्य ध्यान सभी 5 महाद्वीपों से मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने पर रहा है। 60 से अधिक देश इस अभियान से जुड़ रहे हैं और उत्साह लगातार बढ़ रहा है। खिलाड़ियों, संस्थानों और राष्ट्रीय महासंघों में काफी जोश है। वर्तमान में हम टीमों, तकनीकी अधिकारियों और नेतृत्व संरचनाओं के प्रशिक्षण और विकास पर काम कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य केवल एक चैंपियनशिप आयोजित करना नहीं है, बल्कि योगासन को भारत की प्राचीन परंपरा से जुड़ा एक ऐसा खेल अनुशासन बनाना है, जो पूरी तरह से आधुनिक खेल मानकों (Modern Sports Standards) के अनुरूप हो।
वहीं, एशियन योगासन के अध्यक्ष, संजय मालपानी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, एशिया और दुनिया के अन्य हिस्सों में योगासन तेजी से युवा खिलाड़ियों के लिए एक नए और रोमांचक खेल के रूप में उभर रहा है। यह चैंपियनशिप नई पीढ़ी को योगासन को केवल ‘वेलनेस’ नहीं, बल्कि ‘खेल, प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता’ के रूप में देखने के लिए प्रेरित करेगी। मुझे पूरा विश्वास है कि यह चैंपियनशिप दुनिया के हर देश में योगासन खेल को अपनाने की दिशा में एक बहुत महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। वर्ल्ड योगासन चँपियनशिप के आयोजन से आनेवाले दिनों में योगासन के प्रति विश्व के युवाओं का आकर्षण और बढेगा जिससे विश्व मानवी निरामयता और समत्व प्राप्त करेगी। आरोग्य और विश्वबंधुत्व की दिशा में यह एक अनोखी पहल है।
सरकार का महा-समर्थन और ओलंपिक (Olympics) में योगासन का लक्ष्य

इस महाकुंभ को सफल बनाने के लिए भारत सरकार की कई बड़ी संस्थाएं एक साथ आई हैं। विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 को युवा एवं खेल मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), गुजरात खेल प्राधिकरण (SAG), गुजरात पर्यटन, और गुजरात योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन का पूरा सहयोग प्राप्त है। यह योगासन को विश्व खेल मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक संयुक्त राष्ट्रीय प्रयास है।
सबसे बड़ी बात यह है कि भारत सरकार अब योगासन को इंटरनेशनल ओलंपिक समिति (IOC) से मान्यता दिलाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इस बात पर पूरा विश्वास जताया है कि भारत के प्रयासों से बहुत जल्द योगासन को ओलंपिक मान्यता मिलेगी। भारत 2036 के ओलंपिक खेलों (2036 Olympics) की मेजबानी के लिए दावेदारी पेश कर रहा है, और सरकार का विजन है कि 2036 में ‘योगासन’ भी ओलंपिक में एक मेडल जीतने वाले खेल के रूप में शामिल हो।
निष्कर्ष
अहमदाबाद के ‘एका अरीना’ में होने वाली यह पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं है; यह दुनिया को भारत का एक कड़ा संदेश है कि हमारी संस्कृति अब ग्लोबल स्पोर्ट्स के अखाड़े में भी राज करने को तैयार है। क्या आप भी इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए तैयार हैं?
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