Asian Games 2026 के लिए indoor range में senior और युवा भारतीय निशानेबाजों का संपादकीय दृश्य
NRAI की moving-average selection ने reputation से अधिक recent scores को प्राथमिकता दी है।

एशियाई खेल 2026 भारतीय निशानेबाजी टीम में 30 खिलाड़ियों को चुना गया है। इनमें 15 पुरुष और 15 महिलाएं हैं। मनु भाकर, ईशा सिंह और सुरुचि इंदर सिंह टीम में हैं, जबकि पेरिस ओलंपिक पदक विजेता स्वप्निल कुसाले और सरबजोत सिंह जगह नहीं बना सके।

इस चयन से दो बातें साफ होती हैं। पहली, भारत के पास अच्छे निशानेबाजों की बड़ी संख्या है। दूसरी, ओलंपिक पदक भविष्य की हर टीम में अपने आप स्थान नहीं दिलाता। वर्तमान प्रदर्शन और तय नियमों के अनुसार अंक ही चयन का आधार हैं।

क्या चयन प्रतियोगिताएं पूरी हो चुकी हैं?

एशियाई खेलों के लिए राइफल और पिस्टल टीम का मुख्य चयन चौथी चयन प्रतियोगिता के बाद हुआ। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ की सूचना सूची में जुलाई में चुनी गई टीम और चौथी प्रतियोगिता के बाद की वरीयता दी गई है।

9 से 13 अगस्त तक दिल्ली में होने वाली पांचवीं चयन प्रतियोगिता वर्ष 2026 की आगे की वरीयता के लिए है। इसे पहले से घोषित एशियाई खेल टीम का चयन दोबारा खोलने वाली प्रतियोगिता नहीं समझना चाहिए।

औसत अंक से चयन कैसे होता है?

2026 की चयन नीति के अनुसार खिलाड़ी के अंतिम पांच अंकों में सबसे कम अंक हटाया जाता है। बाकी चार अंकों का औसत उसकी वरीयता बनाता है। सामान्य स्थिति में अंक 180 दिन से अधिक पुराने नहीं होने चाहिए।

इस तरीके का लाभ है कि एक खराब दिन से खिलाड़ी की पूरी मेहनत खत्म नहीं होती। साथ ही केवल एक बहुत अच्छे दिन से टीम में स्थान पक्का नहीं होता। परेशानी तब हो सकती है जब चोट, विदेश यात्रा या अलग मैदान की कठिनाई को केवल औसत अंक ठीक से न दिखा पाए।

कौन आगे आया और कौन बाहर हुआ?

मनु, ईशा, सुरुचि, पूर्व विश्व विजेता रुद्रांक्ष पाटिल और विदारसा विनोद जैसे खिलाड़ी प्रमुख हैं। ईशा और विदारसा दो-दो व्यक्तिगत स्पर्धाओं में उतर सकती हैं। स्वप्निल और सरबजोत का बाहर होना बताता है कि हाल के अंकों को पुराने सम्मान से अधिक महत्व दिया गया।

इसका अर्थ यह नहीं कि बाहर हुए खिलाड़ियों की क्षमता समाप्त हो गई है। निशानेबाजी में एक या दो अंक अंतिम दौर का स्थान बदल सकते हैं। चयन को पूरे जीवन का फैसला नहीं, उस समय की वरीयता माना जाना चाहिए।

ईशा और मनु की वर्तमान लय

हांगझोऊ विश्व कप 2026 में ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल में 40 हिट के साथ स्वर्ण जीता। मनु भाकर ने कांस्य पदक हासिल किया। इससे पहले म्यूनिख में भी ईशा और सुरुचि ने अच्छा प्रदर्शन किया था।

ये नतीजे उत्साह बढ़ाते हैं, लेकिन एशियाई खेलों में चीन, कोरिया और जापान की मजबूत चुनौती होगी। दल स्पर्धा में तीसरे निशानेबाज का स्थिर प्रदर्शन भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा।

हांगझोऊ के 22 पदकों की चुनौती

भारत ने हांगझोऊ एशियाई खेलों में निशानेबाजी से 22 पदक जीते थे। आइची-नागोया में यह प्रदर्शन दोहराने के लिए पिस्टल, राइफल और शॉटगन तीनों में अच्छे नतीजे चाहिए। एशियाई निशानेबाजी परिसंघ ने प्रतियोगिता सितंबर और अक्टूबर के बीच रखी है।

भारत के एशियाई खेल पदक अनुमान में निशानेबाजी को 19 से 25 पदकों के बीच रखा गया है। इसलिए यह टीम पूरे भारतीय प्रदर्शन पर बड़ा असर डालेगी।

चयन व्यवस्था पर जरूरी प्रश्न

  1. क्या शुरुआती और अंतिम वरीयता समय पर सार्वजनिक हुई?
  2. अंक में गलती सुधारने के लिए सभी को समान समय मिला?
  3. विदेशी और घरेलू प्रतियोगिताओं के अंक नियम के अनुसार जोड़े गए?
  4. दल स्पर्धा में खिलाड़ियों के आपसी तालमेल को भी देखा गया?
  5. चोट लगने पर स्थान लेने वाले खिलाड़ी का नियम साफ है?

निष्कर्ष

2026 की चयन नीति का संदेश साफ है—सम्मान महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्तमान अंक चयन तय करेंगे। यह तरीका उचित है, बशर्ते गणना, समय सीमा और अपवाद सभी के लिए साफ हों। अब चुनौती घरेलू अंकों को एशियाई खेल पदकों में बदलने की है।

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Harpal Singh Flora
हरपाल सिंह फ्लोरा एक वरिष्ठ खेल पत्रकार और SPORTSNET NEWS के स्पोर्ट्स एडिटर हैं, जो भारत में खेल प्रशासन (Sports Governance), नीतियों और खेल तंत्र की गहन और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए Excellence of Journalism Award से सम्मानित किया जा चुका है। इसके साथ ही वे Newspapers Association of India (NAI) में National Organising Secretary के पद पर भी कार्यरत हैं।हरपाल सिंह फ्लोरा का फोकस सिर्फ़ मैच और नतीजों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे खेलों के पीछे चल रहे सिस्टम, नीतियों, फेडरेशन की कार्यप्रणाली और खिलाड़ियों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाने का काम करते हैं।SPORTSNET NEWS के माध्यम से उनका उद्देश्य खेल पत्रकारिता को एक नई दिशा देना है—जहाँ सिर्फ खबर नहीं, बल्कि समाधान और जवाबदेही की बात हो।Harpal Singh Flora is a senior sports journalist and the Sports Editor at SPORTSNET NEWS, specializing in sports governance, policy analysis, and investigative reporting in Indian sports.He is an Excellence of Journalism Awardee and serves as the National Organising Secretary at the Newspapers Association of India (NAI).His work focuses on uncovering systemic issues in sports administration, ensuring accountability, and bringing forward policy-level discussions beyond match results.

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